Prachetan Samiti
गुरुवार, 28 अप्रैल 2011
ब्राह्मी लक्ष्मी
धर्म साधन के लिए धन और बल आवश्यक है। फिर भी ब्राह्मण को ब्राह्मी लक्ष्मी की विशेष आराधना करनी चाहिए। तपबल से ही महान कार्य संपन्न होते हैं, अन्य साधन सहायक की भूमिका में रहते हैं।
बुधवार, 27 अप्रैल 2011
यतो धर्मस्ततो जय:
वृहदारन्यक उपनिषद (१/४/१४) के अनुसार, " धर्म ही सबसे श्रेष्ठ व सबका नियंता है जिसके बल पर दुर्बल भी बलवान को जीतने की इच्छा रखता है"। प्रसन्नता की बात है कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय का आदर्शवाक्य है -"यतो धर्मस्ततो जय:"।
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